गरुड़ासन योग से बढ़ेगी आँखों की रोशनी और भी है फायदे | Garudasana Yoga

गरुड़ासन योग से बढ़ेगी आँखों की रोशनी और भी है फायदे | Garudasana Yoga

योग विज्ञानं में सबसे ज्यादा जोर शरीर को लचीला बनाने में दिया गया है।  शरीर लचीला होने से , अनेक स्वास्थ लाभ प्राप्त होते है।  जैसे जैसे शरीर लचीला बनता जाएगा, वैसे वैसे आपके शरीर में रक्तसंचार नियमित रूप से होने लगता है , जिससे आप अपने शरीर को बिमारियों से बचा सकते है. योग में किसी एक ही अवस्था में  निरंतर रहने की स्थिति को आसन कहा गया है। इस संसार में जितने भी पशु ,पक्षी ,पेड़ ,पौधे है ,उन सबसे प्रेरणा लेकर हमारे महर्षियों ने अलग अलग प्रकार के आसन बनाये। जिससे हम रोगमुक्त और अच्छा जीवन व्यतीत कर सके।  जैसे धनुष्य से बना धनुरासन , बिल्ली से मार्जरासन ,मस्तक से शीर्षासन , ठीक उसी प्रकार गरुड़ से गरुड़ासन बनाया गया।  जैसे गरुड़ सबसे तेज उड़ान भरता है ,वैसे ही इस आसन को करनेवाला कभी पीछे नहीं रहता , इसका अभ्यास कोई भी किसी भी उम्र का व्यक्ति कर सकता है।  बच्चो से लेकर बूढ़ों तक सबके लिए ये आसन फयदेमंद है।  





Garudasana Yoga | गरुड़ासन योग

Garudasana Yoga | गरुड़ासन योग


  1. इस आसन को करने के लिए किसी स्वच्छ और हवादार स्थान का चुनाव करना चाहिए।  इसे बंद कमरे में ना ही करे तो अच्छा है , अगर आप इसे किसी नदी या तालाब के किनारे करेंगे तो आपके लिए  ये बहुत ही अच्छा होगा।  
  2. सर्वप्रथम अपने स्थान पर चटाई बिछाकर खड़े हो जाए। 
  3. अब अपने दोनों पैरो के पंजो को मिलाकर सावधान हो जाए। 
  4. अपना बायाँ पैर सीधा रखते हुए ,अपने दाए पैर को उठाकर ,बाएं पैर से इस तरह लपेटे जैसे किसी वृक्ष पर साप लपेट जाता है।
  5. इसी स्थिति में बने रहे अब दोनों हाथों को अपने सामने लाकर हाथों को भी बिलकुल उसी प्रकार लपेटे जैसे पैर को लपेटा था। 
  6. अपने हाथो को थोड़ा आगे झुकाने की कोशिश करे , अब आपके हाथो का आकर बिलकुल गरुड़ के चोंच की तरह दिखने लगेगा। 
  7. इसी स्थिति में बने रहते हुए अपने बाएं पैर के घुटने को जमीन पर लगाने की कोशिश करे। और अपना दाया पैर जमीन से सटाकर रखे। 
  8. इस अवस्था में १ मिनट तक बने रहे। अब फिरसे सामान्य स्थिति में आकर इसी क्रिया को अपने दूसरे पैर से भी करे। 
  9. नियमित इस आसन को ५-५ बार करे।  
  10. रोजाना अभ्यास होने पर थोड़ा थोड़ा समय बढ़ाये। 
  11. गरुड़ासन के बाद शीर्षासन का अभ्यास लाभकारी होता है। 








Health Benefits of Garudasana Yoga | गरुड़ासन के लाभ

 

  1. गरुड़ासन करने से शरीर लचीला होकर मासपेशिया चुस्त और बलवान होती है।  
  2. गरुड़ासन के नियमित अभ्यास से मेरुदंड (रीढ़ की हड्डी ) मजबूत और लचीली बनती है। 
  3. यह आसन कमर को पतली और सुन्दर बनाता है।  
  4. नियमित इस आसन का अभ्यास बाहें और पैरो की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। 
  5. रोजाना गरुड़ासन का अभ्यास करने से आँखे गरुड़ की भाती तेज होकर , आँखों के समस्त विकार दूर होते है। 
  6. गरुड़ासन से धारणा शक्ति का विकास होकर एकाग्रता क्षमता और स्मरणशक्ति में वृद्धि होती है।  
  7. इस आसन  को करने से विशेष बल की प्राप्ति होती है और शरीर का कंपन करने जैसी समस्याओ से मुक्ति दिलाता है। 
  8. बवासीर , हर्निया , मूत्ररोग जैसी समस्याओ में गरुड़ासन रामबाण है।
  9. संतानहीनता , समस्त गुप्तरोग जैसी समस्याएं दूर होकर वीर्य को मजबूती प्रदान करता है।
  10. त्वचा संबंधी रोग दूर होकर त्वचा को चमकदार बनाता है। 









गरुड़ासन का अभ्यास करने से पहले इन बातों का ध्यान रखे  | Know Everything About Garudasana 



  • गरुड़ासन का अभ्यास करने से पहले आपका पेट पूरी तरह खाली होना चाहिए। 
  • इस आसन को करने के लिए सुबह सूर्योदय का समय सबसे अच्छा है। 
  • आप शाम के समय भी इस आसन का अभ्यास कर सकते है। 
  • शाम के समय जब आप इस आसन का अभ्यास करे तो ध्यान रखे की भोजन और अभ्यास में कम से कम ६ से ७ घंटे का अंतर हो। 








Precautions Of Garudasana - सावधानी

  • शुरवाती समय में आसन करते समय जोर जबरदस्ती से ना करे। 
  •  धीरे धीरे आप इस आसन को कर सकते है।
  •  गर्भवती महिलाये इस आसन का अभ्यास ना करे। 








अब आप "Garudasana Yoga "  के बारे में जान गए है   फिर भी अगर कोई सवाल हो तो आप कमेंट कर के पूछ सकते है।

2 comments

  1. आपने गरुणासन के बारे में बहुत ही अच्छी जानकारी दी है।
    इससे फायदे होने वाली लिस्ट में कृपया एक और जानकारी जोड़ ले....
    - गरुणासन के रोज अभ्यास से बच्चो के घुटनो आपस में सटे होने वाली विकृति दूर होती है।
    मैंने भी आपके कंटेंट से इंस्पिरेशन ले कर एक वेबसाइट बनाई है ...
    मेरी वेबसाइट - https://fittalk.in/

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