ऐसे करे उर्ध्व मुख श्वानासन का अभ्यास ,मिलेगा तनाव और डिप्रेशन से छुटकारा

ऐसे करे उर्ध्व मुख श्वानासन का अभ्यास ,मिलेगा तनाव और डिप्रेशन से छुटकारा

उर्ध्व मुख श्वानासन  एक योगासन है। इसे "Upward Facing Dog" के नाम से भी जाना जाता है। संस्कृत : ऊर्ध्वमुखश्वानासन ; उर्ध्व - ऊपर ,मुख - चेहरा ,श्वान -कुत्ता ,आसन - मुद्रा। 

योग में इस आसन को उर्ध्व मुख श्वानासन के नाम से जाना जाता है। इसे करते समय व्यक्ति की शारीरिक मुद्रा उस कुत्ते के समान दिखाई देने लगती है ,जो ऊपर की और अपने शरीर को खींचता है।  इस आसन का अभ्यास कमर में एक जबरदस्त खिचाव पैदा करता है। शारीरिक एवं मानसिक तनावों से निजात पाने के लिए इस आसन का नियमित अभ्यास करना आवश्यक है। यह ठीक भुजंगासन जैसा दिखाई देता है। पर दोनों में काफी अंतर है। इस आसन को सूर्यनमस्कार का एक हिस्सा माना जाता है।





Urdhva Mukha Shvanasana | उर्ध्व मुख श्वानासन

Urdhva Mukha Shvanasana | उर्ध्व मुख श्वानासन





  1. इस आसन के लिए जमीन पर पेट के बल लेट जाए। दोनों हाथों को बगल में रखे,और पैरों को फर्श से सटाकर रखे ,जिससे पैरों का ऊपरी भाग जमीन से जुड़ा रहे।
  2. अपनी दोनों कोहनियों को फोल्ड करे। श्वास लेते हुए दोनों हाथों को फर्श पर दबाये और कमर को मोड़कर , अपने कूल्हे ,घुटने एवं धड़ को ,हाथों के सहारे धीरे धीरे ऊपर उठाये।
  3. शरीर के वजन को अपने हाथ एवं पैरों पर समान रूप से डाले। इस स्थिति में गर्दन को थोड़ा पीछे झुकाये और आगे देखे। अपनी गर्दन को सीधा रखे ,उसे फैलने ना दे।
  4. कुछ देर इसी अवस्था में बने रहे। श्वास को छोड़ते हुए अपनी सामान्य स्थिति में आ जाए।






Health Benefits Of Urdhva-Mukha-Shvanasana | उर्ध्व मुख श्वानासन के स्वास्थ्य लाभ



  1. इस आसन का अभ्यास धड़ को पीछे की और फैलाने में मदद करता है।
  2. यह आपके पीठ और कमर को मजबूत बनाता है।
  3. इससे आपके कंधे एवं हाथों की मासपेशिया मजबूत होती है।
  4. नियमितता के साथ अगर इस आसन को किया जाता है ,तो ये आपकी शारीरिक संरचना को आकर्षक और सुंदर बनाने में मदद करता है।
  5. यह आसन नाभिचक्र और कटिप्रदेश को विशेष रूप से प्रभवित करता है। ये पाचनतंत्र में सुधार लाकर पाचक रस की गुणवत्ता में सुधार लाता है।
  6. भूख न लगना ,कब्ज ,गैस ,अन्न का न पचना ,अम्लता ,मलावरोध ,अनिद्रा ,अतिनिद्रा ,अत्याधिक तनाव इत्यादि समस्याओं में समाधान देता है।
  7. यह थकान से छुटकारा दिलाता है और शरीर में नई स्फूर्ति पैदा करता है।
  8. छाती को चौड़ा कर फेफड़ों को निरोगी और स्वस्थ रखता है। ये फेफड़ों की श्वास ग्रहण करने की क्षमता को बढ़ाता है।
  9. कूल्हों और जाँघों को पुष्ट बनाने में सहायक है।
  10. अस्थमा ,दमा इत्यादि श्वासनविकारों का चिकित्स्कीय पद्धतिसे इलाज करता है।
  11. कटिस्नायुशील तथा डिप्रेशन में लाभकारी है।
  12. यह गुप्तरोग एवं स्त्रीरोगों से दूर रखता है।
  13. शारीरिक बधिरता और कमजोरी को दूर करता है।
  14. यह व्यक्ति में दया ,समर्पण ,सहनशीलता को उजागर करता है।







Urdhva Mukha Shvanasana Precautions | उर्ध्व मुख श्वानासन में सावधानी



  • यह आसन अत्यंत सरल है ,जिसका घर पर नियमित अभ्यास कर आप अनेक स्वास्थ लाभ पा सकते है।
  • पर जिन्हे अंगूठे में दर्द ,सिरदर्द ,कमर में दर्द  तथा गर्भवती माताओं को इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।







Few Things You Need To Know About This Asana | ध्यान रखने योग्य बाते


  • बाकी के योगासनों की तरह इस आसन का अभ्यास भी खाली पेट करना आवश्यक है।
  • इसके लिए सुबह सूर्योदय का समय उपयुक्त है।
  • पर अगर आप सुबह अभ्यास नहीं कर पाते ,तो आप शाम को भी इस आसन का अभ्यास कर सकते है। बस आपको अभ्यास और भोजन में कम से कम ५ घंटे का  समय छोड़ना आवश्यक है।






मैंने इस लेख में आपको "Urdhva Mukha Shvanasana "के बारे में जानकारी दी। वास्तव में देखा जाए तो प्रत्येक व्यक्ति को पशुओं से कुछ न कुछ जरूर सीखना चाहिए। 
क्योंकि वो हमारी तरह बोल नहीं सकते फिर भी हमें उनसे कुछ सीखने को जरूर मिल जाता है।  कुछ लोग कुत्ते को धुत्कारते है, पर अस्तित्व में देखा जाए तो कुत्ते के अंदर मनुष्य से कई अधिक ईमानदारी और दयाभाव छिपा होता है। 
कौन सोच सकता था ,की कुत्ते का ऊपर की तरफ खिचाव मनुष्य जाती के लिए एक प्रेरणा बन जाएगा। अगर आपको ये लेख पसंद आये तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे। आप अपनी राय या सवाल कमेंट बॉक्स में लिख सकते है।