स्टैमिना बढ़ाने के लिए, ऐसे करे चतुरंग दंडासन | नहीं होगी कमजोरी की शिकायत

स्टैमिना बढ़ाने के लिए, ऐसे करे चतुरंग दंडासन | नहीं होगी कमजोरी की शिकायत

योग में वर्णित "चतुरंग दंडासन " एक योगासन है। इस आसन का अभ्यास शरीर के चार अंगों को मुख्य  रूप से प्रभावित करता है। इसका अभ्यास करते समय मेरुदंड , दोनों हाथ एवं पैर एक सीधी रेखा में संरेखित होते है। मेरुदंड को शक्तिशाली और शरीर के मुख्य अंगों को ऊर्जावान बनाता है। इसके अलावा इसे "Four-Limbed Staff Pose"  या "Low Plank" भी कहा जाता है। 



Chaturanga Dandasana | चतुरंग दंडासन

Chaturanga Dandasana | चतुरंग दंडासन




  1. इस आसन का अभ्यास करने के लिए निचे दरी या चटाई बिछाकर घुटनों के बल खड़े हो जाए।
  2. हाथों को सामने फर्श पर टिका दे।
  3. हाथों को सामने फर्श पर रखे ।
  4. पैरों को पीछे ले जाए और एड़ियों को ऊपर उठाये। इस अवस्था में शरीर की आकृति टेबल की तरह दिखाई देगी। 
  5. अपने मेरुदंड को सीधा रखे। ध्यान रखे की आपके दोनों हाथ एवं पैर एक दूसरे से समांतर दुरी बना रहे हो।
  6. अपनी उँगलियों को फैलाये। एड़ियों को ऊपर करे जिससे आपका वजन केवल आपके दोनों हाथ एवं पैरों के टखनों पर रहे।
  7. एक लंबी गहरी श्वास भरे,और पैरों के पंजों से लेकर मस्तक तक शरीर में खिंचाव पैदा करे। 
  8. श्वास को बाहर छोड़ते हुए हाथों को कोहनियों से मोड़े और आगे बढे। शरीर को जमीन से कुछ दुरी पर रोके जिससे आपकी ऊपरी भुजाये फर्श से समांतर रहे।
  9. इस अवस्था में अपनी पीठ बिल्कुल  सीधी रखे।
  10. आपकी कोहनिया ९० डिग्री के कोण में होनी चाहिए। कुछ देर इसी अवस्था में बने रहे और पुनः सामान्य स्थिति में आ जाये।








Chaturanga Dandasana Benefits | चतुरंग दंडासन के लाभ





  1. चतुरंग दंडासन का सीधा प्रभाव आपके मेरुदंड (रीढ़ की हड्डी ) पर पड़ता है।
  2. यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाता है।
  3. इसके अभ्यास से पीठ ,कंधे ,एवं भुजाओं की आतंरिक मांसपेशिया सशक्त और बलवान बनती है।
  4. इसकी मदद से आप अपनी कलाई को शक्तिशाली बना सकते है।
  5. शरीर को टोन करने के लिए और शारीरिक मुद्रा को बेहतर बनाने के लिए ये एक अच्छे आसन के रूप में सामने आता है।
  6. नियमित अभ्यास से संतुलन शक्ति में वृद्धि होती है।
  7. ये दृढ़ इच्छाशक्ति का विकास करता है।
  8. चतुरंग दंडासन का नियमित अभ्यास कमजोरी दूर कर स्टैमिना को बढ़ाता है। 
  9. इसका नियमित अभ्यास व्यक्ति में समत्व की भावना को उजागर करता है।









Beginners Tips | शुरुवात के लिए टिप्स





  • शुरुवाती समय में जमीन पर अपने शरीर को अचल रख पाना कठिन लग सकता है।
  • इसे सरल बनाने के लिए आप आसन करते समय, घुटनों को जमीन पर रख सकते है।
  • जब आप पारंगत हो जाए तो घुटनों को ऊपर उठाकर इसका अभ्यास करे।








Chaturanga Dandasana Precautions | चतुरंग दंडासन में सावधानी





  • अगर आपके पास पीठ की निचले हिस्से की चोट या कंधों की समस्याएं है ,तो इस आसन का अभ्यास ना करे। 
  • गर्भवती महिलाओं को इस आसन का अभ्यास नहीं करने की सलाह दी जाती है।







Few Things You Need To Know | ध्यान रखने योग्य बाते





  • सुबह-सवेरे योगाभ्यास करना सबसे अच्छा माना जाता है।
  • इस आसन का अभ्यास करते समय आपका पेट खाली होना आवश्यक है।
  • इसलिए अगर आप शाम के समय आसनों का अभ्यास करते है, तो भोजन और अभ्यास के बिच कम से कम ६ घंटे का समय अवश्य रखे।




अभी आप "Chaturanga Dandasana" के बारे में जान चुके है। फिर भी अगर कोई सवाल हो तो आप कमेंट कर के पूछ सकते है। इसे अपने आसनों की सूचि में जरूर जोड़े इसका अभ्यास आपको गहन आत्मविश्वास की अनुभूति कराता है।