क्या शवासन आपको आंतरिक ऊर्जा ,मानसिक शांति और शारीरिक कष्ट से छुटकारा देता है ?

क्या शवासन आपको आंतरिक ऊर्जा ,मानसिक शांति और शारीरिक कष्ट से छुटकारा देता है ?

अष्टांग योग में वर्णित शवासन दिमाग को ताजगी एवं शरीर तनावरहित करने के लिए एक उत्तम योगासन है। इस आसन को करते समय, शरीर रचना किसी मृत व्यक्ति की तरह दिखाई देती है ,इसीलिए इसे शवासन के नाम से जाना जाता है। दूर से ये आसन, भले ही आपको सरल दिखाई दे परंतु वास्तविक रूप से अगर देखा जाए तो इस आसन को करते समय शरीर की समस्त मांसपेशियों को आंतरिक रूप से आराम देना पड़ता है। जो की शुरुवात में थोड़ा कठिन लगने लगता है। इस आसन का प्रयोग ज्यादातर लोग योगासन या व्यायामों के समाप्ति में करना पसंद करते है। पर इसके अलावा आप शवासन को एक प्राकृतिक चिकित्सा के स्थान पर भी कर सकते है। जब आप थकावट महसूस करने लगे और शरीर को आराम की सख्त आवश्यकता हो, तो केवल १० मिनट का अभ्यास ही, आपके शरीर और दिमाग को आराम पहुंचाने के लिए पर्याप्त है।   



Shavasana In Hindi - शवासन योग

Shavasana In Hindi - शवासन योग

  1. शवासन का अभ्यास करने के लिए जमीन पर चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाए।
  2. अपने शरीर को आरामदायक स्थिति में रखे।
  3.  लेटने के लिए किसी भी गद्दे या तकिये का इस्तेमाल ना करे।
  4. आप केवल चटाई पर ही इस आसन की अनुभूति ले सकते है।
  5. अपने दिमाग से सभी विचारों को छोड़कर धीरे से अपनी आँखे बंद करे।
  6. अपने पैरों को एक दूसरे से अलग रखे कुछ इसप्रकार से जिससे पैरों के किनारे जमीन पर आराम करे।
  7. हथेलियों को भी अपनी बगल से थोड़ा दूर करे और हातों को आराम करने दे।
  8. इस अवस्था में हथेलियों के तलवे ऊपर की दिशा में रहते है।
  9. आपको कुछ इस तरह अपनी मुद्रा बनानी है ,जिससे आपका जीवित शरीर मरा हुआ दिखने लगे।
  10. यही पर आपके स्थिरता का परीक्षण शुरू होता है। शरीर को स्थिर रखते हुए ,अपने विचारों ,को खुला छोड़ दे और लंबी श्वास लेते रहे।
  11. इस आसन में यह ध्यान रखे की अभ्यास करते समय नींद नहीं लेनी है।
  12. पूर्ण शरीर को तनावरहित कर दे ,और मन ही मन शरीर का अवलोकन करते जाए।
  13. जिस जगह या अंग पर तनाव महसूस हो उसे तनावरहित करने का प्रयत्न करे।
  14. एक जरुरी बात इस क्रिया को करते समय अपनी एकाग्रता को भंग न होने दे।
  15. दीर्घ श्वास लेते रहे ,और मस्तिक्ष में शांति बनाये रखे। जैसे जैसे आप श्वास लेते है ,वैसे वैसे  आपके मस्तिक्ष की नाड़ियां सक्रीय होने लगती है। जिससे आपके मन में कई विचार एकसाथ आ सकते है।
  16. पर शांत रहकर केवल अपने शरीर के अवलोकन पर ध्यान बनाये रखे।
  17. लगभग १० मिनट बाद जब आप अपने आप को तरोताजा और शांत अवस्था में पाए। तो आँखे बंद रखते हुए अपने दाहिने  तरफ शरीर का भार देकर सुखासन में बैठ जाए।
  18. लंबा और गहन श्वास लेकर, अपने आस पास फैली प्राकृतिक संपदा ,असीम शांति का अनुभव करे।
  19.  कुछ देर इसी अवस्था में बैठे रहे ,और मन को शून्यता की और उजागर होने दे। अपनी आँखे खोले और सामान्य अवस्था में आ जाए।
  20.  इस आसन को दिन में एकबार करना ही पर्याप्त है। आप योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास होने के बाद शवासन का अभ्यास कर सकते है।








 Benefits Of Shavasana Pose - शवासन के लाभ

Benefits Of Shavasana Pose - शवासन के लाभ


  1. शवासन हमारे शरीर के लिए एक आरामदायक मुद्रा है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर और दिमाग ताजगी और शांति का अनुभव करता है।
  2. ये आपको ध्यान की और अग्रेसर करता है ,जिससे आप बाहरी दुनियाँ से हटकर अंतर्मन से जुड़ने लगते है।
  3. शवासन आपके शरीर में स्थित मृत कोशिकाओं को सक्रीय करता है और शरीर को आराम देता है।
  4. अगर आप इसे एकाग्रता के साथ करते है ,तो योगासनों और प्राणायाम के बाद  ये आपके शरीर को एक गहन शांति की स्थिति में पहुंचाता है।
  5.  उच्च रक्तचाप ,अवसाद ,तनाव ,डिप्रेशन को कम करता है।
  6.  इस आसन का अभ्यास करने से ह्रदय सुचारु ढंग से कार्य करने लगता है। कई तरह के गंभीर ह्रदय रोगों से आप नियमित शवासन का अभ्यास कर के बच सकते है ।
  7.  इसके अभ्यास से मस्तिक्ष तिष्ण और कुशाग्र बनता है। ये स्मरणशक्ति को विकसित कर एकाग्रता क्षमता को बढ़ाता है।
  8. शारीरिक कमजोरी तथा थकावट को दूर करने में शवासन अत्यंत लाभदायी है। ये शरीर की ऊर्जा को बढ़ाता है जिससे शरीर में स्फूर्ति और उत्साह बना रहता है।
  9. मासिक धर्म संबंधित समस्याओं को दूर कर उत्तेजना को दूर करने में सहायक है।
  10. अनिद्रा जैसी समस्याओं में शवासन रामबाण है।






Precautions For Shavasana - शवासन में सावधानी



  • शवासन पूर्ण रूप से सुरक्षित आसन है ,जिसका अभ्यास हर कोई कर सकता है।
  •  अभ्यास करने के लिए मानसिक एकाग्रता का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • जब आप इस आसन का अभ्यास करते है तो आपको नींद आने लगती है।
  • बस यही बात आपको ध्यान में रखनी है, की अभ्यास करते समय आप नींद ना ले और पूरी तरह सजग हो।
  • ऐसा करने के लिए नियमित रूप से लंबा श्वास लेते रहे और श्वासों पर ध्यान बनाये रखे।




शरीर और दिमाग को तरोताजा और फ्रेश रखने के लिए, शवासन  एक उपयुक्त आसन है। इसे अपने दैनिक योगासनों जरूर शमिल करे।इसका अभ्यास करना आपको अवश्य ही गहन शून्यता का अनुभव कराएगा।
जानकारी पसंद आनेपर अपने दोस्तों के साथ शेयर करें , ताकि वो भी इस आसन कें बारे में जान सके ।