पक्षी आसन के सरल अभ्यास से , मिलते है विशेष लाभ

पक्षी आसन के सरल अभ्यास से , मिलते है विशेष लाभ

Bird Pose Yoga  संस्कृत : पक्षी आसन ,पक्षी - पंछी , आसन -मुद्रा

योग में वर्णित "पक्षी आसन " एक प्रमुख योगासन है। योग में यह आसन पक्षियों की प्रेरणा से लिया गया है। इसीकारण यह पक्षी आसन के नाम से जाना जाता है। अंग्रेजी में इसे "Bird Pose" भी कहा जाता है। इसके नियमित अभ्यास से ही ,योगी अपने प्राणवायु को वश में कर ,अपनी साधना को सिद्ध करने में सक्षम होते है । 





Bird Pose Yoga | पक्षी आसन

Bird Pose Yoga | पक्षी आसन





  1. पक्षी आसन के अभ्यास के लिए ,जमीन पर चटाई बिछाकर दंडासन में (दोनों पैरों को सामने फैलाकर) बैठ जाए।
  2. अब दोनों पैरों को जितना संभव हो ,उतना फैलाये।
  3. ऐसा करते समय घुटनों को सीधा एवं जमीन से सटाकर रखे। कमर को सीधा रखे।
  4. दोनों हाथों को कंधों के बराबर ऊपर उठाकर ,हवा में सीधी रेखा बनाये।
  5. दाहिने हाथ को सर के ऊपर से ले जाकर बाएं पैर के अंगूठे को पकड़े।
  6. ऐसा करते समय कमर को बाई और झुकाये। एवं अपने बाएं हाथ को नाभि के पास आराम करने दे।
  7. श्वास की  गति को सामान्य बनाये रखे।
  8. इसीप्रकार उपरोक्त क्रिया को हाथ बदलकर अपने बाए हाथ से करे।
  9. इस तरह इसे बिना रुके 8  से 12 बार करे।
  10. आसन समाप्त करने के लिए दोनों हाथों से  दोनों पैरों के अंगूठों को पकडे।
  11. जितना संभव हो उतना आगे झुककर छाती एवं गर्दन को फर्श से सटाने का प्रयास करे।
  12. कुछ देर इसी अवस्था में रुके और वापस सामान्य स्थिति में आ जाए।








Bird Pose Yoga Benefit | पक्षी आसन के लाभ


  1. प्रतिदिन इस आसन के अभ्यास से मेरुदंड सहित समस्त नाड़ियाँ लचीली एवं शुद्ध होती है।
  2. यह शरीर की बनावट को सुधारता है।
  3. उत्तेजना  को शांत कर मन को एकाग्र करता है।
  4. स्मरणशक्ति एवं आत्मिक बल में वृद्धि करता है।
  5. यह शरीर में रक्त परिसंचलन को सुचारु करता है।
  6. उच्च रक्तचाप ,बवासीर,धातु रोग ,प्रमेह ,मूत्र विकार ,स्वप्नदोष ,मलावरोध इत्यदि रोगों से छुटकारा दिलाता है।
  7. यह मोटापे को दूर कर वजन घटाने में सहायक है।
  8. पेट संबंधित सभी बीमारियों में आराम दिलाता है।
  9. भूक को बढ़ाता है ,तथा रोगप्रतिकारक शक्ति को मजबूत करता है। 
  10. मधुमेह एवं हाइपोथॉयरॉइड से ग्रस्त व्यक्तियों को इस आसन का अभ्यास अवश्य करना चाहिए।
  11. इसका रोजाना अभ्यास करने से शरीर स्वस्थ एवं हल्का महसूस करता है।
  12. यह जीवनशक्ति को बढाकर प्राणों को उर्ध्व बनाने में सहायक है।







Some Things You Need To Know | ध्यान रखने योग्य बाते


  • सुबह ब्रम्हमुहूर्त के समय इस आसन का अभ्यास आनंद की अनुभूति कराता है।
  • इसका अभ्यास करने के लिए आपका पेट खाली होना आवश्यक है। आप चाहे तो शाम के  समय भी इसका अभ्यास कर सकते है। 
  • बस अपने भोजन और अभ्यास के बिच आवश्यक अंतर् छोड़ना याद रखे।
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Bird Pose Yoga Precautions | पक्षी आसन में सावधानी




  •  जिन्हे स्लिप डिस्क या कमर संबंधित कोई परेशानी है ,उन्हें इस आसन का अभ्यास अपनी सुविधा अनुसार धीरे धीरे करना चाहिए।
  • आसन की शुरुवात माध्यम गति से करे ,फिर अभ्यास अनुसार आप गति को बढ़ा सकते है।






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