तुलासन योग विधि , लाभ एवं सावधानिया

तुलासन योग विधि , लाभ एवं सावधानिया

Tolasana Yoga (संस्कृत : तुलासन) "Tolasana ,Dolasana (Swing Pose),Balance Pose ,Utthita Padmasana"  "Tolasana Yoga"


हठ योग में वर्णित तुलासन का अभ्यास शरीर में हड्डियों एवं मांसपेशियों को सुदृढ़ कर उन्हें बलवान बनाता है। अन्य भाषा में  इसे "तोलासन"  या "Balance Pose" भी कहा जाता है। इसे करते समय शरीर रचना किसी तुला के समान दिखाई देती है ,जिसमे किसी भी वस्तु का वजन किया जाता है। ये एक मजेदार और लाभदायी योगासनों में से एक है।




Tolasana Yoga | तुलासन योग 

Tolasana Yoga | तुलासन योग




  1. इस आसन का अभ्यास करने के लिए जमीन पर चटाई बिछाकर बैठ जाए। 
  2. दाहिने पैर को घुटने से मोड़कर अपनी बायीं जांघ पर रखे। और बाए पैर को घुटने से मोड़कर अपनी दाहिनी जगह पर रख दे। इस आसन को पद्मासन या कमलासन कहा जाता है। 
  3. हाथों को कूल्हों की बगल में फर्श पर रख दे। अपने दोनों हाथों को मजबूती के साथ जमीन पर दबाये। और कूल्हों को ऊपर उठाये। 
  4. कम से ४० सेकंड तक मुद्रा में बने रहे। कूल्हों को जमीन पर लाये और पुनः सामान्य स्थिति में आ जाए।
  5. इसी क्रिया को पद्मासन के समय पैरों को बदलकर करे।







Tolasana Benefits | तुलासन के फायदे 






  1. यह एक आनंददायक योगासन है ,इसके अभ्यास से मन का तनाव मिट जाता है। 
  2. मस्तिक्ष शांत और चिंतामुक्त रहता है। 
  3. इस आसन का नियमित अभ्यास व्यक्ति को अपने शरीर एवं आत्मा के प्रति सजग करता है। 
  4. नियमित अभ्यास संतुलन शक्ति को बढ़ाता है। 
  5. निर्णय क्षमता एवं एकाग्रता में वृद्धि करता है। 
  6. यह कूल्हों की बाहरी मांसपेशियों को फैलाने में मदद करता है। 
  7. पेट को प्रभावित कर पेट संबंधित समस्याओं का निदान करता है। 
  8. पाचनक्षमता को बढ़ाकर मोटापा घटाने में सहायक है। 
  9. यह ऊपरी कंधों को बल प्रदान करता है। 
  10. शारीरिक एवं मानसिक रूप से साधक की कार्यक्षमता को बढ़ाता है।
  11.  ये धैर्य ,कठोरता ,सहनशीलता ,प्रसन्नता जैसे भावों का अनोखा संगम है। 





Tulasana Precautions | तुलासन में सावधानी




  • इस आसन का अभ्यास करना सरल है। शुरुवात में जिनके जाँघे एवं कूल्हे तंग है ,उन्हें इसका अभ्यास कठिन लग सकता है। 
  • हाथ, पैर एवं कंधों में चोट या समस्या होनेपर इस आसन का अभ्यास करने से बचना चाहिए।









Things You Need To Know  | ध्यान रखने योग्य बाते




  • इस आसन को खाली पेट किया जाना चाहिए। 
  • सुबह सवेरे इसका अभ्यास आपको अच्छे परिणाम देगा। 
  • पर अगर आप शाम के समय इसे करना चाहते है ,तो भोजन और अभ्यास के बिच कुछ समय का अंतर् जरूर छोड़े।







इस लेख में मैंने आपको "तुलासन योग विधि , लाभ एवं सावधानिया " के बारे में बताया।
इस आसन का अभ्यास आपके शरीर और आत्मा में योग्य संतुलन स्थापित करेगा। इसे करना आपके लिए एक संधि है ,जो आपको प्रसन्नता का अनुभव कराएगी। इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले ,एवं अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दे।