मलासन कैसे करे ,इसके क्या लाभ है

 योग में वर्णित मलासन एक सरल और लाभदायी आसनों में से एक है। "मलासन" को इंग्लिश में गारलैंड पोज भी कहा जाता है। इसे बच्चे एवं खेतों में काम करने वाले लोग अनायास ही कर लेते है। पर जिन्हे हमेशा बेंच पर या खुर्सी पर बैठकर काम करना पड़ता है ,उन्हें शुरुवाती समय में थोड़ी असहजता का अनुभव हो सकता है। पर इस बात से निराश होने की कोई आवश्यकता नहीं है ,क्योंकि यही एक योगासन है जिसका अभ्यास करना आपके जीवन को उत्साह से भर देता है।





Malasana In Hindi - मलासन योग

Malasana In Hindi - मलासन योग




  1. इस योगासन का अभ्यास  किसी स्वच्छ और खुली हवा में करना स्वास्थ के लिए उत्तम माना जाता है।
  2. सर्वप्रथम जमीन पर चटाई बिछाकर खड़े हो जाए।
  3. अपने दोनों पैरों के बिच थोड़ी दुरी बनाये और श्वास को बाहर छोड़ते हुए निचे बैठ जाए।
  4.  दोनों हाथों की कोहनियों को घुटनों के बिच लाए।
  5. दोनों हाथों से नमस्कार की मुद्रा बनाते हुए ,कोहनियों से जाँघों को फैलाने की कोशिश करे।
  6. इसी अवस्था में कम से कम ६० सेकंड तक बने रहे और श्वास को बाहर छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाए।
  7. फिर जैसे ही आपका अभ्यास बढ़ता जाए ,समय अवधि को बढ़ाते जाए।
  8. मलासन करते समय अपने ध्यान को नाभिचक्र पर केंद्रित करने का प्रयास करना चाहिए।
  9. इस आसन का अभ्यास दिन में एकबार करना ही पर्याप्त होता है।










Health Benefits Of Malasana Yoga - मलासन के स्वास्थ लाभ 

Health Benefits Of Malasana Yoga - मलासन के स्वास्थ लाभ





  1. पेटरोग एवं पाचन सबंधित समस्याओं के लिए यह एक अच्छा आसन है।
  2. जब आप इसका अभ्यास  करते है,तो सबसे ज्यादा ये शरीर के निचले हिस्से को प्रभावित करता है।
  3. जिससे इस हिस्से के अंग प्रभावित होकर अपना कार्य सुचारु ढंग से करने लगते है।
  4. विशेषकर नाभिचक्र ,जांघो,पैरों की मासपेशियां ,नितंब पर खिचाव पड़ने के कारण पेट को साफ़ करने में यह अपनी अहम भूमिका निभाता है।
  5. इससे जठराग्नि प्रदीप्त होकर भूक खुलकर लगने लगती है तथा पाचनशक्ति को विकसित करता है।
  6. यह  कब्ज ,गैस ,ऐसिडिटी ,पेटदर्द,पेट फूलना ,भूक न लगना ,मंदाग्नि जैसे समस्त वायुविकारों का विनाशक है।
  7. प्रतिदिन इसका अभ्यास  मोटापे को दूर कर शरीर रचना को आकर्षक एवं सुंदर बनाता है।
  8.  मलासन के अभ्यास से शरीर में स्थित मेटाबोलिज्म संतुलित रहता है और रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।









Things To Know Before You Do Malasana Steps - ध्यान रखने योग्य बाते




  • बाकी आसनों की तरह "मलासन" का अभ्यास  करने से पूर्व भी, आपका पेट खाली होना आवश्यक है।
  • सुबह सूर्योदय के समय बाकी आसनों के साथ इसका अभ्यास करना एक अच्छी सोच है।
  • पर अगर आप इसे शाम के समय करना चाहते है तो अभ्यास और भोजन में कम से ६ घंटे का अंतर जरूर रखे।






Precautions For Malasana Yoga - मलासन में सावधानी






  • यह अत्यंत सरल आसनों में से एक है। परंतु  अगर आप घुटने ,कमर ,या पेट की किसी गंभीर समस्या से पीड़ित है तो इसका अभ्यास करने  से बचे।







अब आप "मलासन कैसे करे ,इसके क्या लाभ है" के बारे में जान गए है। आज से ही इसे अपने दैनिक योगासनों में समाविष्ट करे ,समाज के बदलाव को देख ,ये आसन आपको ये अनुभति कराता है, की आप कहा पर रुके हुए है।

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