अधो मुख श्वानासन क्यों है विशेष , जाने इसके लाभ

अधो मुख श्वानासन क्यों है विशेष , जाने इसके लाभ

अष्टांग योग में वर्णित "अधो मुख श्वानासन" एक सरल और लाभकारी आसनों में से एक है। नए अभ्यासक भी इस आसन का अभ्यास बहुत ही सरलता के साथ कर सकते है। संस्कृत में कुत्ते को श्वान कहा जाता है, और अधो मुख यानि जब कुत्ता निचे की और झुकता है ,तथा शरीर को फैलाता है। इस आसन को कुछ लोग "पर्वतासन" भी कहते है। "सूर्यनमस्कार" का अभ्यास करते समय भी  ५ वि स्थिति में अधो मुख श्वानासन का अभ्यास किया जाता है।






Adho Mukha Svanasana In Hindi - अधो मुख श्वानासन योग

Adho Mukha Svanasana In Hindi - अधो मुख श्वानासन योग





  1. सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर अपने शरीर की स्थिति किसी टेबल की तरह बनाये। जिसमे आपके दोनों हाथ और दोनों पैर जमीन पर टिके होंगे।
  2. श्वास बाहर छोड़ते हुए अपनी कमर को ऊपर की और जितना संभव हो उठाने का प्रयास करे। जिससे आपका शरीर किसी पर्वत या उलटे V की तरह दिखाई देने लगेगा।
  3. अभ्यास के दौरान इस बात का ध्यान रखे की किसी भी परिस्थिति में आपके दोनों हाथ एवं पैर ,अपनी जगह से न हिलने पाए।
  4.  अपने कंधों को थोड़ा खिचाव दे और नाभि की जगह को देखने का प्रयत्न करे।
  5. इस अवस्था में जितनी देर संभव हो रुकने का प्रयत्न करे। और फिर सामान्य अवस्था में आ जाए।
  6. आसन का अभ्यास करते समय आप अपना ध्यान नाभि चक्र या विशुद्ध चक्र पर केंद्रित कर सकते है।
  7. अधो मुख श्वानासन को आप नियमित रूप से ५ मिनट तक कर सकते है।










 Health Benefits Of Adho Mukha Svanasana Pose - अधो मुख श्वानासन के लाभ

 Health Benefits Of Adho Mukha Svanasana Pose - अधो मुख श्वानासन के लाभ






  1. अधो मुख श्वानासन का नियमित रूप से किया गया अभ्यास नाभि चक्र पर विशेष प्रभाव डालता है। जिससे पेट की मांसपेशिया सुचारु ढंग से कार्य करने लगती है। 
  2. ये जठराग्नि को प्रदीप्त कर भूक और पाचनक्षमता को बढ़ाता है। 
  3. पेट में जमा हो रही अतिरिक्त चर्बी और ख़राब पदार्थों को ये बाहर निकाल देता है ,तथा पेट को मुलायम और आकर्षक बनाता है। 
  4. इससे शरीर में शुद्ध खून का प्रवाह होने लगता है। 
  5. साथ ही ह्रदय को संतुलित कर ,लिवर और किडनी को शुद्ध करता है। 
  6. नियमित अभ्यास से हाथ और पैरों की मांसपेशिया मजबूत होती है ,इसके अलावा ये आपकी शारीरिक रचना को भी ठीक करता है।
  7.  इसके अभ्यास से कमर लचकदार और आकर्षक दिखती है।
  8. रोजाना इस आसन का अभ्यास आपके अंदर एक नया जोश और उत्साह भर देता है ,जिससे कमजोरी और थकावट को जगह नहीं मिल पाती। 
  9. इसे करते समय ताजा खून सिर की तरफ संचारित होता है ,जो यौवन को बनाये रखता है। 
  10. शरीर में स्थित षट्चक्रों में से नाभि चक्र और विशुद्ध चक्र इससे ज्यादा प्रभावित होते है,जिससे कुंडलिनी सक्रीय होने लगती है। 








Things To Know Before You Practicing This Pose - ध्यान रखने योग्य बाते




  • इस योगासन का अभ्यास करते समय यह आवश्यक है की आपका पेट खाली हो। 
  • सुबह सूर्योदय के समय इसका अभ्यास करना अच्छी बात है। पर अगर आप इसे शाम के समय करना चाहते है ,तो अभ्यास और भोजन में कम से कम ५ घंटे का समय अवश्य रखे। 
  • जिससे आपका भोजन ठीक तरह से पच जाए और आपको कोई परेशानी ना हो।









Precautions For Adho Mukha Svanasana (Downward Dog Pose ) - सावधानी



  • अधो मुख श्वानासन बहुत ही सरल आसन है।
  • पर अगर आप उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित है तो इस आसन का अभ्यास ना करे। 
  • इसके अलावा कंधों की समस्या ,आखों की परेशानी या दस्त होने पर भी इस आसन को ना करे।








अब आप "अधो मुख श्वानासन क्यों है विशेष , जाने इसके लाभ " के बारे में जान चुके है। इस आसन को अपने दैनिक योगसत्र में जोड़ना एक अच्छा निर्णय हो सकता है। क्योंकि ये उन मांसपेशियों को फैलाने में मदद करता है ,जो हमें कई स्वास्थ लाभ प्रदान करती है।

2 comments

  1. amazing exercise, it also can boost our immune system during coronavirus

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