Friday, November 1, 2019

वज्रासन कैसे करे , जाने इसके विशेष लाभ

 वज्रासन एक सरल और अत्यंत प्रभावकारी आसन है। "Vajrasana" का अभ्यास स्त्री पुरुष कोई भी कर सकता है। शुरुवाती समय में इस आसन को करने में थोड़ी कठिनाई जरूर होती है ,परंतु  नित्य अभ्यास से ये आसन सरल बन जाता है। देवराज इंद्र जो देवो के राजा है, उनके शस्त्र का नाम वज्र है। पुराणों के अनुसार इस शस्त्र को बहुत ही शक्तिशाली माना गया है। इस आसन का अभ्यास भी व्यक्ति के शरीर को वज्र की तरह कठोर एवं शक्तिशाली बनाता है। इसीकारण इसे "वज्रासन" के नाम से संबोधित किया जाता है। इस आसन का अभ्यास साधक के मानसिक एवं आध्यात्मिक बल को बढाता है , एवं कुंडलिनी को विकसित करता है। वज्रासन की स्थिति में बैठकर आप प्राणायाम की क्रियाओं को भी कर सकते है।



Vajrasana Yoga  - वज्रासन योग 


Vajrasana Yoga  - वज्रासन योग





  1. वज्रासन का अभ्यास करने के लिए सर्वप्रथम किसी शांत और स्वच्छ जगह पर चटाई बिछाकर ,सामान्य स्थिति में बैठ जाए।
  2. दाहिने पैर को घुटने से मोड़कर ,अपने दाएं नितंब (हिप्स) के निचे रखे। 
  3. इस स्थिति में पंजो का मुख ऊपर की और होना चाहिए। तथा घुटने से लेकर उँगलियों तक का भाग जमीन से सटा होना चाहिए।
  4. इसीप्रकार बाएं पैर को भी घुटने से मोड़कर अपने बाएं नितंब (हिप्स) के निचे रखे। 
  5. जब आप इस स्थिति में हो तो अपने मेरुदंड ,छाती और सिर को सीधा तानकर रखे। 
  6. दोनों हाथों को अपने दोनों जाँघों पर रखे। 
  7. इस अवस्था में अपना ध्यान नाक के अगले भाग पर केंद्रित करने का प्रयास करे। 
  8. शुरुवाती समय में इस अवस्था में आप ५ से १० मिनट तक रह सकते है।  
  9. फिर जैसे जैसे आपका अभ्यास होता जाएगा वैसे आप इस आसन की अवधि को बढ़ा सकते है।







Health Benefits Of Vajrasana - वज्रासन के लाभ 




  1. वज्रासन का अभ्यास पुरे शरीर के लिए फायदेमंद साबित होता है।
  2. इसका अभ्यास घुटने ,पिण्डलिया ,जाँघे तथा पैरों की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। 
  3. नियमित  इस आसन  का अभ्यास करने से मोटापा कम होता है ,कमर पतली ,लचकदार और मजबूत बनती है। 
  4. यह आसन स्मरणशक्ति को विकसित कर एकाग्रता क्षमता में बढ़ोतरी करता है। 
  5. आँखों को ठंडक प्रदान कर आँखों की रौशनी को बढ़ाता है तथा प्राणशक्ति में वृद्धि कर जीवनशक्ति को बढ़ाता है। 
  6. ये सायटिका, आमवात , कटी स्तंभ ,पीठ के दर्द में औषधि का कार्य करता है। 
  7. वज्रासन का प्रभाव सीधे पाचनतंत्र पर पड़ता है ,जिससे पेट संबंधित सभी समस्याओं के लिए ये आसन रामबाण है।
  8. भोजन होने के तुरंत बाद अगर ५ मिनट तक वज्रासन का अभ्यास कर लिया जाए तो पाचक रस शुद्ध और जल्दी बनता है ,जिससे अन्न जल्द ही पच जाता है। 
  9. ये आसन जिव को कामवासना से अलिप्त कर ब्रम्हचर्य के मार्ग को विकसित करता है। 
  10. अकाली बाल सफ़ेद होना ,मासिक धर्म जैसी समस्याएं वज्रासन का नित्य अभ्यास करने से ख़त्म हो जाती है।  
  11. वज्रासन ध्यानात्मक आसनों में से एक होने के कारण ,वज्रासन का प्रयोग आप ध्यान या प्राणायाम के समय भी कर सकते है। 
  12. वज्रासन में बैठकर प्राणायाम करने से दमा ,तपेदिक ,अस्थमा ,फेफड़ों से संबंधित रोग तथा अनेक श्वसन रोग दूर हो जाते है।







Precautions For Vajrasana - वज्रासन में सावधानी  


  • वज्रासन एकमात्र ऐसा आसन है जिसे आप खाने से पहले और भोजन के बाद दोनों समय कर सकते है
  • वज्रासन का अभ्यास आप सुबह और शाम दोनों समय कर सकते है। 
  • पैरों में मोच या चोट होनेपर वज्रासन का अभ्यास ना करे। 
  • इसके अभ्यास की अवधि धीरे धीरे बढ़ाते जाए। एकदम से ज्यादा समय तक वज्रासन में बैठे रहने से पैर अकड़ने लगते है। 
  • शुरुवात में इस आसन का अभ्यास आप किसी मुलायम या नरम कपडे पर कर सकते है। 
  • किसी शारीरिक या मानसिक प्रकार की गंभीर समस्या होनेपर डॉक्टर की सलाह लेकर ही वज्रासन का अभ्यास करे। 





आप इस लेख में वज्रासन एवं उसके लाभों के बारे में जान गए है।  अब आप वज्रासन का अभ्यास कर , इस आसन के अद्भुत लाभ प्राप्त कर सकते है।

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