हलासन कैसे करे, इसके क्या लाभ है ?

प्रतिदिन योगाभ्यास  करने से हमारे शरीर को कई बीमारियों से अनायास ही मुक्ति मिल जाती है। और हमारा शरीर एवं  दिमाग स्वस्थ रूप से कार्य करने में सक्षम हो पाता है। इसी के साथ ही नियमित योगाभ्यास हमारे शरीर को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। हठयोग प्रदीपिका में कुल ८४ आसनो का उल्लेख मिलता है। जिसमे से हर एक आसन परम लाभकारी एवं रोगो से मुक्ति दिलाने वाला है। आज हम आपको एक ऐसे  आसन के बारे में जानकारी देने जा रहे है , जिसे योग में रोगों का काल माना गया है।यह आसन  हलासन के नाम से जाना जाता  है।  इसे करते समय हमारे शरीर की रचना हल के  समान दिखाई देती है ,इसलिए इसे हलासन के नाम से जाना जाता है।







 Halasana Yoga | हलासन योग 

Halasana Yoga | हलासन योग




  1. हलासन करने के लिए किसी हवादार और स्वच्छ स्थान का चुनाव करे। बंद कमरे में इसे ना करे ,और इसे करते समय पेट को बिलकुल खाली रखे ।
  2. सर्वप्रथम चटाई बिछाकर पैरों को सामने फैलाकर  बैठ जाए। 
  3. सीधे जमीन पर लेट जाए और शरीर को एकदम ढीला छोड़े। 
  4. ५ से ७ बार हल्की हल्की सांसे लेकर अपने शरीर को आराम देने की कोशिश करे।
  5. धीरे से अपने पैरों को घुटने से मोड़कर ऊपर उठाने का प्रयास करे।
  6. इसके लिए अपने दोनों हाथों से अपने कमर को सहारा दे सकते है।
  7. अब बिना घुटनो को मोडे  , अपने पैर के तलवों को धीरे धीरे अपने सर के ऊपरी भाग में जमीन पर लगा दे।
  8. हाथों को सीधा करके एक दूसरे के साथ मिलाकर जमीन पर  रखे।
  9. जितनी ज्यादा देर आप इस अवस्था में रुक सकते है उतनी देर रुके।
  10. इस अवस्था में श्वासों को सामान्य गति से चलने दे ।
  11. अब धीरे धीरे अपने हाथो का सहारा लेकर सामान्य अवस्था में आ जाए। इस आसन का अभ्यास   रोजाना कम से कम 5 से १० बार करे।
  12. हलासन के अभ्यास से पहले सर्वांगासन का अभ्यास करना अच्छा रहता है।
  13. हलासन के बाद आप पश्चिमोत्तनासन या आगे झुकनेवाले आसनों का अभ्यास कर सकते है।













Health Benefits Of Halasana Yoga | हलासन के लाभ 


  1.  नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करने से शरीर की समस्त मासपेशियां सुचारु रूप से कार्य करने लगती है।
  2. जिससे पसीना आकर शरीर के अंदर रहनेवाली गंदगी बाहर निकल जाती है ,और शरीर लचीला एवं हल्का हो जाता है।
  3. हलासन करने से मेरुदंड संबंधित सभी रोग दूर हो जाते है, और कमर पतली और मजबूत बनती है।
  4. कब्ज ,एसिडिटी ,जैसी पेट समस्याओं को दूर कर पाचनशक्ति को बढ़ाता है।
  5. हलासन का नियमित अभ्यास जोड़ों के दर्द एवं वात, पित्त , और कफ जैसे समस्याओं से मुक्ति दिलाता है।
  6. इसके अलावा इसके अभ्यास से फेफड़ो के रोग ,छाती विकसित न होना , कफ , सर्दी ,जुकाम जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।
  7. यह आसन थायरॉइड ग्रंथि को प्रभावित करता है ,नित्य इसका अभ्यास गले के रोगों को समाप्त कर देता है। थायरॉइड जैसी समस्याओं के लिए ये आसन परम गुणकारी है।
  8. यह आँखे चमकदार बनाकर आँखों की रौशनी को बढ़ाता है।
  9. असमय बालों का सफ़ेद होना एवं बालों का पतला होना जैसी समस्याएं दूर करता है।
  10.  त्वचा को चमकदार बनाकर झुरिया मिटाता है।
  11. विद्यार्थियों के लिए ये आसन सर्वोत्तम है।
  12. इसका अभ्यास एकाग्रता क्षमता को बढाकर ,मानसिक शांति प्रदान करता है।
  13. शरीर को मजबूती दिलाकर रोगप्रतिकारक शक्ति को बढ़ाता है।





हलासन करते समय ध्यान देने योग्य बाते




  • हलासन का अभ्यास आपकी कमर और पेट को एक जबरदस्त खिचाव देता है।
  • इसीलिए बाकी योगासनों की तरह इस आसन का अभ्यास करने से पहले आपका पेट खाली होना आवश्यक है।
  • सुबह का समय हलासन के अभ्यास के लिए उपयुक्त समय है।
  • आप शाम के समय भी इस आसन का अभ्यास कर सकते है पर इसके लिए आपके भोजन और अभ्यास में ६ से ७ घंटे का अंतर होना आवश्यक है। 







Precautions Of Halasana Yoga | हलासन करते समय सावधानी 




  • हलासन करते समय अधिक ताकद का प्रयोग ना करे।
  • हलासन का अभ्यास उन्हें नहीं करना चाहिए जो अस्थमा या गर्दन के दर्द से पीड़ित है।
  • जिन्हे कमरदर्द रहता है ,उन्हें भी ये आसन नहीं करना चाहिए।
  • जो लोग उच्च रक्तचाप जैसी समस्या से पीड़ित है उन्हें किसी योगगुरु की विशेष देखरेख में ही इस आसन को करना चाहिए।
  • जल्दबाजी में भी इस आसन को ना करे।







अब आपको " हलासन कैसे करे, इसके क्या लाभ है ? " के बारे में उपयुक्त जानकारी मिल गई होगी ,अब आप आनंद के साथ हलासन का अभ्यास कर सकते है। 

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